Page 213 - Rich Dad Poor Dad (Hindi)
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काम म जुट !
आ प सभी को दो महान उपहार िदए गए थे: आपका िदमाग़ और आपका समय। यह आपक े
हाथ म है िक आप इनका मनचाहा उपयोग कर सकते ह । आपक े हाथ म आने वाले हर
डॉलर से आपको और क े वल आपको वह ताकत िमल जाती है जो आपक तक़दीर
बनाती या िबगाड़ती है। अगर आप इसे मूख तापूण तरीक़ े से खच करते ह तो आप ग़रीब रहने का
िवक प चुनते ह । अगर आप इसे दािय व पर ख़च करते ह तो आप म य वग म बने रहने का
िवक प चुनते ह । अगर आप इसे अपने िदमाग़ म िनवेश करते ह और यह सीख लेते ह िक िकस
तरह संपि य को बनाया जाता है तो आप दौलतमंद होने का िवक प चुनते ह । चुनाव आपका है
और क े वल आपका है। हर िदन, हर डॉलर क े साथ आप अमीर, ग़रीब या म य वग य होने का
िवक प चुनते ह ।
अगर आप इस ान को अपने ब च क े साथ बाँटने का िवक प चुनते ह तो आप उ ह उस
दुिनया क े िलए तैयार करने का िवक प चुनते ह जो उनका इंतज़ार कर रही है। यह कोई और
नह करेगा।
आप और आपक े ब च का भिव य उस चुनाव पर िनभ र करता है जो आप आज करते ह ,
आने वाले कल म नह ।
हम ऐसी कामना करते ह िक आपक े पास बह त सी दौलत हो और आप ि ़ जंदगी नाम क े
महान उपहार से बह त सा सुख भोग ।
- रॉबट िकयोसाक