Page 209 - Rich Dad Poor Dad (Hindi)
P. 209

हैिसयत क े  मुतािबक़ सामान क  खोज करते ह , इसिलए वे कम सामान क   यादा

                         क़ मत चुकाते ह  । छोटे िवचार वाले लोग  को बड़े अवसर नह  िमलते । इसिलए अगर
                         आप  यादा अमीर बनना चाहते ह  तो पहले तो बड़े िवचार  को सोचना शु  कर  ।

                     दुकानदार  यादा सामान ख़रीदने वाल  को िड काउंट देते ह  और वे ऐसा क े वल इसिलए
               करते ह   य िक  यादातर  यवसायी  यादा ख़च  करने वाले लोग  को पसंद करते ह  । अगर आप
               कम ख़च  भी करते ह  तो भी आपको हमेशा बड़े िवचार  को ही सोचना चािहए । जब मेरी कं पनी
               को कं  यूटर खरीदने थे तो म ने अपने बह त से दो त  से फ़ोन पर पूछा िक  या उ ह  भी कं  यूटर
               ख़रीदना है । हम सब िमलकर कई डीलर  क े  पास गए और एक बिढ़या सौदा कर िलया  य िक

               हम  बह त से कं  यूटर ख़रीदने थे । म ने यही शेयर  क े  साथ भी िकया है । छोटे लोग हमेशा छोटे ही
               रह गे  य िक उनक  सोच छोटी है । अक े ले काम कर  या िफर काम ही न कर  ।

                     • इितहास से सीख  ।  टॉक ए सच ज क  सभी बड़ी कं पिनयाँ छोटी कं पिनय  क े   प म
                         शु  ह ई थ  । कन ल स डस  तब तक अमीर नह  ह ए थे जब तक साठ साल क  उ  म
                         उ ह ने अपना सब क ु छ नह  गँवा िदया था । िबल गेट् स 30 साल से भी कम उ  म
                         दुिनया क े  सबसे अमीर लोग  म  से एक ह  ।

                     • सि यता हमेशा िनि  यता को हरा देती है ।

                     अवसर पहचानने क े  िलए क ु छ.ही चीज़े ह  करता आया ह ँ अब भी कर रहा ह ँ । इनम  से

               सबसे मह वपूण  श द ह  'िकया' और 'करो' । जैसा इस पु तक म  कई बार दोहराया जा चुका है,
               संपि  क े  पुर कार को पाने से पहले आपको सि य होना पड़ेगा । तो काम पर जुट जाएँ, अभी से
               ही ।
   204   205   206   207   208   209   210   211   212   213   214