Page 44 - Sanidhya_2024
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कानावाास परा हिकासी ना हि��कााराी काा उत्कृष्ट् काला प्रदेशुना हिकाया
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(6) सिंवक्रम महल (मसिंद�)- मानामहिदेरा स सटेा हुआ उत्तराी हिदेशुा
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म न्धिस्थात �। देो महिजीला भवाना अन्य म�ल ,काण म�ल,जी�ागीरा
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म�ल, शु�ाजी�ा म�ल, जीौ�रा ताल एवा रााणा काी छूतराी अस्सेी खम्ब
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बावाड़ी, स�स्त्बाहु अथवाा सास-बहूँ महिदेरा सम� वा�माना महिदेरा एवा ं
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गगोलाताल तली काा महिदेरा|
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(7) गोरू दातीा बान्दाी छोोड़ गोरूद्वाा�ा -ग्वााहिलयरा देग परा न्धिस्थात
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हिसखों का छूटेवा गरू श्रीी �रागोहिवान्द हिस� जीी काी
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स्मृहित म हिनाहिमत �।
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काई �मो काो एका साथ हिलए य� ग्वााहिलयरा काी शुाना बढ़ाता हुआ ग्वााहिलयरा देग जी�ा काभी तानासना का सरा भी गजीा
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कारात थ| य आजी ग्वााहिलयरा म सरा सम्रााटे तानासना का मकाबरा का साथ 1 हिकामी काी देराी परा तानासना का गरु सफेी सत काा मकाबराा भी
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न्धिस्थात � | एका देत काथानासारा का�ा जीाता � तानासना का मकाबरा का पास न्धिस्थात इमली का पड़ काी पहित्तया खाना स गला सराीला �ोता � ै
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ग्वााहिलयरा देग म न्धिस्थात सबस पराातना हिलन्धिखत प्रमाण “0” शुन्य काा हिशुलालख जीो हिका 9 वाीं शुताब्दोी म हिनाहिमत �तभजी
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महिदेरा म न्धिस्थात �| ग्वााहिलयरा का हिकाल म �ी बाबरा ना अपनाी वासीयत भी हिलखी थी हिजीसम उन्हेोंकिना �महिनारापक्षा रा� कारा गाय काी राक्षाा काराना े
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का हिलए नासी�त-तजीका-बावाराी म हिलखा आजी भी य� वासीयत भोपाल काी रााजीकाीय लाइब्रेराी म सराहिक्षात राखी � |
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