Page 62 - Sanidhya_2024
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काी थी। उसका मा-हिपताजीी लाठाी का स�ारा स �ढ़ रा� थ।
कादेारानााथ म बहुत ज्यादेा बारिराशु �ो रा�ी थी। वास तो कादेारानााथ
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म अक्सरा बारिराशु �ोती रा�ती �। परा 16 जीना 2013 काो ना जीाना े
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काौना स बादेल बरास रा� थ, हिजीसना कादेारानााथ काा राास्ता
मन्धि�ल कारा हिदेया था। रुद्री काी मा बहुत थका गई थी। उनास े
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हिबल्कल �ला ना�ींं जीा रा�ा था। रुद्री उनाका हिलए घोड़ा कारानाा
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�ा�ता था लहिकाना उन्हेोना य बोलकारा मनाा कारा हिदेया हिका बारिराशु
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बहुत ज्यादेा �, घोड़ा हिफेसल गया तो हिफेरा गड़बड़ �ो जीायगी। वाो
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लोग शुाम काो महिदेरा पहु� गय थ। बारिराशु रुकाना काा नााम �ी ना�ींं
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ल रा�ी थी। सबना सामाना राखना का हिलए एका टेटे हिलया। उसका बादे
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महिदेरा काी तराफे �ल गय। अभी वा�ा आराती शुरू ना�ीं हुई थी। सब
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महिदेरा काी परिरा�मा काराना लग। रुद्री बोला ‘मा, अभी आराती शुरू ना�ीं अ घौ राी
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हुई �, म देोस्तों का साथ ऊपरा भराों जीी का देशुना काराका आता हूँ । ना रुद्री स े
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मा ना का�ा ‘ठाीका �, परा आराती शुरू �ोना स प�ल आ जीानाा। रुद्री पछूा ‘क्योा हुआ? का छू
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अपना देोस्तों का साथ भागता ऊपरा �ला गया। शुाम का 7.15 या 7.30 बराा यादे आया? रुद्री काो एका पल का हिलए ऐसा लगा जीस वाो अघौराी
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का काराीब बहुत जीोरा स बादेलों काी गराजी सनााई देी। रुद्री भराों महिदेरा उसकाी सो� म उसका साथ था। उसना भी सब काछू देखा �ो। रुद्री ना े
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म देशुना कारा रा�ा था उसना जीस �ी पलटे कारा देखा उसकाी आखों का अपनाा बग उठााया औरा �ल हिदेया। शुाम �ोत �ोत रुद्री कादेारानााथ
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आग एका बहुत �ी भयानाका मजीरा था। पानाी काा अ�ा�� सलाब था, पहु� गया था। आराती काा समय �ो �काा था। �ल्की-�ल्की बारिराशु
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जीो ग्लेहिशुयरा काो अपनाी �पटे म लता हुआ महिदेरा काी तराफे जीा रा�ा �ो रा�ी थी। रुद्री �ाथ जीोड़ कारा महिदेरा का सामना खड़ा था। आराती �ोना े
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था। रुद्री काी आख फेटेी काी फेटेी रा� गई। उस आवााजी ना उसका हिदेल का बादे रुद्री महिदेरा का सामना बठा गया। बारिराशु तजी थी औरा रुद्री
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म एका डोरा बठाा हिदेया। वाो सम� गया हिका काोई प्रलय �। औरा स�ी गमगीना। उसना �ाथ जीोडो औरा बोला “हिकातनाा अकाला कारा हिदेया
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मायना म वा� प्र�डो प्रलय �ी था। हिजीसना बफे का बड़-बड़ ग्लेहिशुयरा आपना म�। सब काछू छूीना हिलया म�स, म सबका साथ आया था
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काो पलका �पकात �ी ब�ा हिदेया। रुद्री ना देखा बादेल फेटेना काी वाजी� आपका आशुीवाादे का हिलए। आपना क्योा हिकाया? सबकाो अपना पास �ी
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स सब काछू जील मग्न �ोता जीा रा�ा था। उस सम� �ी ना�ीं आ रा�ा बला हिलया औरा म� य�ी छूोड़ हिदेया, बस�ाराा।” तभी उस अपना हिसरा
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था हिका अ�ानाका क्योा हुआ। रुद्री भराों जीी का महिदेरा म था जीो कादेारानााथ परा हिकासी काा �ाथ म�सस हुआ। उसना देखा, वा�ी अघौराी था। रुद्री
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महिदेरा स बहुत ऊपरा काी तराफे था। इसहिलए ब�ा हुआ था। तभी काो अपना देदे म उस वाक्त वाो अघौराी �ी अपनाा सा लगा। अगल हिदेना
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उसना देखा हिका एका बहुत बड़ी हिशुला पानाी म ब� कारा आ रा�ी थी। अघौराी रुद्री काो महिदेरा ल गया। वा�ा उन्हेोना देशुना हिकाए।
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वाो कादेारानााथ महिदेरा का पीछू अनाायास रुका गयी हिजीसस पानाी काा
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ब�ावा देो हि�स्सेो म बटे गया औरा महिदेरा काो काोई नाकासाना ना�ीं हुआ। देोनाों वाापस गौराीकाण्ड काी तराफे �ल पड़। 3-4 हिकालामीटेरा
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तभी रुद्री का काानाों म उसका देोस्तों काी आवााजी पड़ी। जीो जीोरा-जीोरा स े का बादे अघौराी रुका गया। उसना रुद्री स का�ा ‘काछू सनाा? रुद्री ना का�ा
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�ीख रा� थ। मा-हिपताजीी, भाई। तभी रुद्री काो �ोशु आया हिका उसकाा ‘ना�ीं,। अघौराी बोला ‘घ्यााना स सनाो‘। रुद्री ना कााना लगाया तो उस का-
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परिरावाारा भी महिदेरा का पास �। रुद्री जीोरा स हि�ल्लीाया औरा नाी� काी का काी आवााजी सनााई देी। रुद्री भाग कारा घाटेी काी तराफे गया तो देखा
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तराफे भागना लगा। उसका देोस्तों ना उस पकाड़ा औरा बोल ‘का�ा जीा नाी� नादेी म एका श्वाानाी बफे का पानाी म ब�त हुए आ रा�ी थी। रुद्री काो
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रा�ा �। काछू ना�ीं ब�ा‘। रुद्री ना देखा एका पल म सब काछू जीलमग्न लगा जीस उसकाा काोई अपनाा �ो। उसना आवा देखा ना तावा। अपनाा
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�ो �काा था। कादेारा काी ग�राी-ग�राी घाहिटेया जील स भरा गई थीं। का�ीं बग फेकाा औरा नाी� काी तराफे भागा। उसना जील्दी स जीाकारा उस
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काोई हिदेखाई ना�ीं दे रा�ा था। महिदेरा काो छूोड़ कारा सब काछू जील म ं छूोटेी सी श्वाानाी काो बफे का पानाी स बा�रा हिनाकााला। श्वाानाी कााप रा�ी
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समा गया था। अथा� जील प्रवाा� सबकाछू ब�ा ल गया। कावाल महिदेरा थी। उसना श्वाानाी काो अपनाी जीकाटे म हिछूपा हिलया। वाो उस लकारा
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का अदेरा जीो लोग औरा पहिडोत थ। वा�ी ब� थ। रुद्री ना नाी� काी �ालत ऊपरा आया। तभी अघौराी बोला ‘का�ा था ना, य कादेारा काी घाहिटेया � ै
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देखी औरा जीोरा स हि�ल्लीाया औरा इसी का साथ वाो अपनाी सो� स े भोल, काछू देकारा �ी जीायगी। म�ादेवा काा प्रसादे � तरा हिलए‘। रुद्री ना े
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बा�रा आया। इस सदे मौसम म भी रुद्री पसीनाा-पसीनाा �ो गया था। उस स�लाया। देकााना वााल स थोडोा सा गम दे� हिलया औरा उस े
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