Page 40 - karmyogi
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इि गररर्ार्य पवद्यालय


                                                                                                                                                                       ै
                                                                                                                     का इनतिाि ििीं िश्वर ि,
                                                                                                                           छािों ि चगरधारी का
                                                                                                                                          े

                                                                                                                                               ं
                                                                                                                                                                   ै
                                                                                                                        भावपूणम िंबध अर्र ि।
                                                                                                                 िलवाि पिावर पवद्यालय का
                                                                                                                                    े
                                                                                                                         छाि था खासलद रिीद,


                                                                                                                    िलवाि न्याि क प्रनत सलखा
                                                                                                                                                    े
                                                                                                                  उिका िंबोधि पि अर्ूल्य था,


                                                                                                                    जििर्ें चगरधारी की दूरदसिमता


                                                                                                                          का ज्ञाि बिर्ूल्य था ,
                                                                                                                                                 ु
                                                                                                                          पि र्ें सलखा िर िब्द


                                                                                                                                   कर रिा था ,

                                                                                                                   चगरधारी क कत्यों को िर्ि,
                                                                                                                                       े
                                                                                                                                              ृ
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