Page 32 - Spagyric Therapy Part- 1st (5)
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   तला-भूना और पका खाना खान व   षण क चलत  कडनी क  काय  मता कम हाती चली जाती ह। ‘ने ॉन’ र  म मौजूद
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   टॉ  स स को पूरी तरह स बाहर नह   नकाल पाता,  लहाजा य  लड म ही इक ा होत रहत ह। एक समय वह भी आता ह जब
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   य टॉ  स स छोट-छोट  टोन (पथरी) का आकार ल लेत ह,  जनका शरीर स  नकल पाना बड़ा मु  कल हो जाता ह।  कडनी
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    ल ज स य  टोन  डजॉ व हो जात ह और बड़ी आसानी स शरीर स बाहर  नकल आत ह। यही नह ,  कडनी  ल ज स                              े

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    कडनी क  अंद नी सफाई हो,  कडनी व  लड म जमा टॉ  स स क भी बाहर  नकलत दर नह  लगत । इसस न  सफ

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    कडनी क  काय  मता बढ़ती ह ब  क पूरा शरीर बेहतर ढ़ग स काय करन लगता ह।
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   ⦁ ताजा या सखाए  ए कॉन  स क स बना काढ़ा; अ ा तो यही होगा  क आप कॉन  स क (भ  क सनहर बाल) को
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   धप म सखा ल। सख बाल  को  यादा समय तक सर  त रखा जा सकता ह। धान स इनक औषधीय गण न  हो जात                                  े
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   ह, इस लए इ ह धोएं  ब कल नह । धल- म   और अ य अश  या कॉन  स क क उबाल जान व काढ़ को छानन क
                                                                                                                      े
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      या म  र हो जाती ह।


   ⦁ पासली (ध नए जसी  दखनवाली एक  वदशी मल क  स जी) या  फर ध नए क  प  य  स बना काढ़ा;
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   ताजा  पासली   योग  म  लाना  होता  ह।  उबालन  स  पहल  इसक  डठल  व  प  य   को  भली-भा त  धो  ल।  पासली  को
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   खरीदन स पहल इस बात का  यान रख  क उसक  खशब जोरदार हो। अ यथा ब त मम कन ह  क उसक औषधीय

   गण कम हो गए ह  पासली क  प  य  क  जगह पर ध नए क  प  य  को भी  योग म लाया जा सकता ह।
                                                                                                            ै
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   ⦁  तरबज  क  बीज   ( छलका  स हत)  स  बना  काढ़ा;  तरबज  क  बीज  काल  या  भर  रग  क  होत  ह।  इ ह  भी  सखाकर
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   सर  त रखा जा सकता ह अ सर  करान क   कान  पर तरबज क बीज  मल जात ह। इन पर ‘पॉइजन’ जसी सचनाएं
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                                         े
   दज होती ह। सर  त रखन क  लए प  टसाइडस क  योग क कारण ऐसा  लखा जाता ह। इस लए,  योग स पहल इन
                                                  ्
   बीज  को धोना व सखाना ज री होता ह। हा, उबालन स पहल इ ह इतना कट  क बीज क दो-तीन टकड़ हो जाएं,
                                                                                  ू
                                                                                    े

                                                              े
                                                                                                                े
                                                           े
                                                                    े
                                                 ं
                                                                                                 े
                                                                                                            ू
                                             ै
                        ु
    जसस गद व  छलक दोन  म ही मौजद औषधीय गण पानी म घल सक। इ ह पीस नह ; न ही कट  ए बीज  को धोएं।


                                                                   ु


                       े
             े
                                                                                                  ू
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                                                      ु

                                        ू
                                                                                                    े

   मा ा
   आप  न न ल खत म स  कसी एक साम ी को बतायी गयी मा ा म लकर  ल  जग क  श आत कर सकत ह-
                                                                                                             े
                                                                        े
                          े
                                                                                           ु



                                          े

    . पदाथ क  मा ा पानी क  मा ा काढ़ का रग
                                                ं
                                                                                                 ू

   1. कॉन  स क (ताजा)             500  ाम                                           1 लीटर गहरा भरा
                     ू
   2. कॉन  स क (सखा)              50  ाम                                            1 लीटर गहरा भरा
                                                                                                 ू

   3. पासली/ध नया (ताजा)         500  ाम                                            250  मली हरा

          ू
                                                                                               ू
               े
   4. तरबज क बीज                  100  ाम                                            250  मली भरा
                                                                                           े

                                                                                                   ु
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                    े
                                                                े

    कडनी क  ल जज क दौरान, पहली बार  कए गए  ल ज क  रज ट को  यान म रखत  ए खद तय कर  क आपको
                         े
                                                ै
                                                                                                                े
                                                                     ु

   डोजज क  मा ा बढ़ानी ह या  फर घटानी ह। आप  ल ज क  श आत- अ धकतम डोज व   वसी (अपन शरीर क                                  े
                             ै
       े

             े

   टॉलरस लवल को  यान म रखकर) स कर। इसस आपको औषधीय पदाथ क  सही मा ा व    वसी तय करन म मदद
                                                    े
                                                                                                                 े



                                        े
                                                                                                    ं
       े
                                                                                      ं
    मलगी।  काढ़ा   जतना  अ धक  गाढ़ा  होगा  प रणाम  उतना  ही   यादा   भा वत  अग   म   यादा  गहराई  तक  प चकर

                                                                                                                    ं
                                                                                                 े
                                                                                                                   ू

    ल ज करन स होता ह। य द आपको उ ट - मतली या अ य कोई अनचाह ल ण, जस  क पट दद आ द महसस होत                                 े
                  े
               े
                                                                              े
                          ै
                                                                                        ै
                                                                                          े
   ह तो डोज कम कर द। जहा कछ मरीज  म भ  क बाल स बना काढ़ा सवा धक लाभ दता ह, वह  कछ म पासली/
                                ं

                                                                                                           ु


                                                   ु
                                                े
                                                       े
                                                                े
                                   ु
                                                    े

                                                                                                   ै

                                                                                              े

                                          े
                            ू
                                                                                                                   े
                                                                           े
                                                                                ै
                                 े
   ध नया प ी या  फर तरबज क बीज  स बना काढ़ा भी उतना ही लाभ दता ह। बहरहाल, सभी मरीज  म इनम स  कसी

                              ु
                   े
                                                           ु
   एक  क  सवन  स  कछ  न  कछ  लाभ  अव य  होता  ह।  कछ  मरीज   न  तो  अपन  करीबी   कराना   टोर  पर   मलन  वाल               े
                                                                                                                    े
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                                                                                                         े
                               े
    छलका र हत तरबज स बन काढ़ को भी  भावी पाया ह। मन  नजी तौर पर (और  यादातर मरीज  न भी) कॉन  स क
                           े

                                                                 े
                      ू
   स बन गाढ़ काढ़ को सबस  यादा लाभदायी पाया ह।
                                                      ै
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