Page 37 - Spagyric Therapy Part- 1st (5)
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लवर
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लवर हमार शरीर का, वचा क बाद, सरा सबस बड़ा अंग ह। एक वय क म इसका वजन लगभग दो क ा. होता
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ह। क कद-काठ , आकार या शारी रक वकास क अनुपात म ही लवर भी अलग-अलग साइज का हो सकता ह।
संरचना
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पेट क दाएं ऊपरी ह स म त लवर नीच क ओर
डाय म स जुड़ा होता ह। यह चौड़ाई म सामा यतः
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21 स 25.5 सेमी, लंबाई म 15 स 17.5 सेमी और
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गहराई म 10 स 12.5 सेमी क बीच होता ह। मुलायम
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लाल-भूर ट यूज स बना लवर गोलाकार व फला आ
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होता ह। यह एक रेशेदार क सूलनुमा संरचना क भीतर
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सुर त होता ह।
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लवर क काय
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लवर का मुख काय प यानी बाइल का नमा ण करना ह। यह प , प ाशय यानी गॉल- लैडर स होकर प
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न लका क सहायता स ूडनम ( हणी, छोट आँत का सबस आग का ह सा) तक प ंचता ह। इसक साथ-साथ लवर
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काब हाइ ट व नाइ ोजन यु ‘वे ट- ोड टस’ क चयापचय म भी मह वपूण भु मका लभाता ह। शरीर क ‘क मकल
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फक ’ क नाम स व यात लवर न सफ शरीर क तमाम ज टल या को अंजाम दता ह,ब क यह खुद एक बेहद
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ज टल या कॉ ले स संरचना वाला अंग ह। लवर म अ त-सू म, पेचीदा व गूढ़ र -वा हका का एक जाल बछा होता
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ह। लवर को काय करन क लए आव यक 25 तशत र क स लाई हेपॅ टक आट र स तो लगभग 75 तशत र क
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स लाई पाटल वे स क ज रए होती ह। इस र म पाचन स ा त पोषक त व मौजूद होत ह। शरीर क अ य अंग क े
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वपरीत, लवर तक यादातर र आट र (धम नय ) क बजाय वे स ( शरा ) क ज रए प ंचता ह। उ लेखनीय ह क छोट
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आँत, आमाशय, अ नाशय और लीहा स वापस होेन वाला र पूरी तरह स पोटल वे स म मल जाता ह और फर लवर
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तक प ंचता ह। नतीजतन, छोट आँत ारा अवशो षत तमाम पोषक पादाथ क आपू त सव थम लवर को ही होती ह।
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ऐस म लवर क यह ज मेदारी होती ह क वह अंत ड़य ारा ए जॉव सभी पदाथ को भली-भां त ोसेस कर उस शरीर क े
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यो य बनाए। इसक अलावा, लवर क कछ अ य मह वपूण काय न न ल खत ह :-
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लवर शरीर का वह मह वपूण अंग ह जो शरीर क लए ‘अप र चत’ या नुकसानदह त व को शरीर क लए उपयोगी
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‘ हतवध क’ त व म प रव त त करता ह। लवर त दन लगभग 400 मली. क मा ा म बाइल का नमा ण करता ह जो
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चब दार खा पदाथ क पाचन क लए बेहद ज री होता ह। यह प , कॉमन बाइल-ड ट क ज रए गॉल लैडर और फर
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वहा स छोट आँत क शु आती ह स ूडनम तक प ंचता ह। वे स यानी शरा स ा त र स लवर लूकोज को
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अलग कर उस लायकोजेन म बदल दता ह और अपन भीतर सं चत कर लेता ह। शरीर को जब एनज क आव यकता
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होती ह तब लवर लायकोजेन को वापस लूकोज म प रव त त कर र म छोड़ दता ह। यह लूकोज र - वा हका क
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सहायता स, शरीर क व भ ह स क , उन को शका तक प ंचता ह जहा इसक ज रत होती ह। लवर, ड टलेस
ल डस क ही तरह काब हाइ टस और नाइ ोजनयु वे ट ोड टस क चयापचय म भी मुख भू मका नभाता ह। लवर
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अ मनो ए सडस को ाट स म बदलन का मह वपूण काय करता ह। जैस क ए यू मन, ो ो बन, फाइ नोजेन,
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ांसफ रन, लायको ोट न वगैरह। लवर, प रंग- बली बन और बलीव ड न का रसाव करता ह। सं त म, लवर
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क कछ मह वपूण काय न न ल खत ह-
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