Page 23 - KV Pragati Vihar (Emagazine)
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पहेली                                           साफ़ करो शौचालय I


           १.  एक औरत के  पेट में ना आाँत,
                                                                           अब न ददखेगी गंदगी ,
               ऊपर नीचे दांत ही दांत,
                                                                            अब न ददखेगी र्ूल I
               दांतों से ले जा तनकाल
                                                                        हम बच्चों ने प्रण मलया है ,
               कसकर सर पर पड़े बवाल I
                                                                           साफ़ करेंगे हम स्क ू ल I

                                                                           साफ़ करो अब घर को,
           २.  हरी भरी मन भरी थी,
                                                                           साफ़ करो क्रफर आाँगन I
               लाखों मोती जड़ी थी,
                                                                            साफ़ करेंगे पाका  को,
               राजा जी की बाग़ में,
                                                                           बनाएाँगे स्वच्छ भारत I
               दुशाला ंढे खडी थी I
                                                                                                      रीत  आयष


                                                                                                         VII B
           ३.  एक नाधगन लहराती जाये,
                                                                        आसमान पर छाए बादल
               फ ु न्कारों से ददल दहलाये,

                                                                           आसमान पर छाए बादल
               तनगले उगले लाखों मन,
               सौंपे तन मन लेकर र्नI                                        बाररश लेकर आए बादल

                                               एकता मसंह
          उत्तर:१. कं घी, २. भुट्िा, ३. रेल                                गड-गड,गड-गड की र्ुन में
                                                    VII ब

                                                                            ढोल नगाड़े बजाए बादल

                           स्वच्छता
                                                                        बबजली चमके  चम ्-चम ्,चम ्-चम ्

                     साफ़ करो अब घर को,
                                                                          चम ्-चम ् नाच ददखाए बादल
                   साफ़ करो क्रफर पवद्यालय,
                                                                          चले हवाएाँ सन-सन,सन-सन
                      कहते कहते थक गए

                                                                            मर्ुर गीत सुनाएाँ बादल


                                                                           बूाँदें टपके  टप-टप,टप-टप


                                                                          झमाझम जल बरसाए बादल


                                                                         झरने बोले कल-कल,कल-कल


                                                                            इनमें बहते जाए बादल


                                                                            चेहरे लगे हाँसने मुस्काने

                                                                          इतनी खुमशयााँ लाएाँ बादल I
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